कोलाज सा....

Friday, April 17, 2009

प्रेरणा

हिन्दी ब्लॉग परिवार को मेरा प्यार भरा नमस्कार....आज आया हूँ आप सबके बीच तो इसका सारा श्रेय कंचन जी (हृदय गवाक्ष) को जाता है जिनकी लेखनी का मैं हमेशा से कायल रहा हूँ ...... आज के पहले मेरा नाता हिन्दी ब्लॉग से एक पाठक भर का ही था और थोड़ा बहुत टिप्पणीकार का भी.... सच कहूँ तो बचपन से मैं दुनिया को बहुत आश्चर्यमिश्रित भाव से देखता आया हूँ ....कैसे सब कुछ एक दूसरे से जुड़ा हुआ है ना जुड़कर भी.....कहाँ-कहाँ किससे क्यूँ मैं जुड़ता चला गया मैं आज तक नहीं समझ पाया .... कुछ इसी तरह के आश्चर्यमिश्रित भाव आपके साथ् साझा करने का माध्यम मैंने प्रेरणा को बनाया है....आशा है की आप सबसे प्रेम और सहयोग मिलता रहेगा।



जब भी ख़ुद के होने का सुबहा होने लगता है,
दूसरों की जिंदगी में ख़ुद के मायने तलाशता हूँ.


अजीत

24 comments:

  1. आपका हिन्दी चिट्ठाजगत में हार्दिक स्वागत है. आपके नियमित लेखन के लिए अनेक शुभकामनाऐं.

    एक निवेदन:

    कृप्या वर्ड वेरीफीकेशन हटा लें ताकि टिप्पणी देने में सहूलियत हो. मात्र एक निवेदन है बाकि आपकी इच्छा.

    वर्ड वेरीफिकेशन हटाने के लिए:डैशबोर्ड>सेटिंग्स>कमेन्टस>Show word verification for comments?> इसमें ’नो’ का विकल्प चुन लें..बस हो गया..कितना सरल है न हटाना और उतना ही मुश्किल-इसे भरना!! यकीन मानो!!.

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  2. aap aur aapke uddesh, dono ka swagat !
    aayiye is jagat ko sundar banayen .

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  3. aap ka swagat hai Ajit Ji...!Ummeed hai aap bahut jaldi lokpriya ho jayenge. Shubh kamanae.N

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  4. आप ने बहुत अच्छा किया।अब आप नियमित लिखने का प्रयास करें। शुभकामानाएं।

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  5. आप् खूब लिखें ,बेहतर लिखें ..
    आपका स्वागत है ..,
    हमारी शुभकामनाए सदा आपके साथ है.. मक्

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  6. लिखना तो बहुत अच्छी बात है और हम लिखने की हर कोशिश की सराहना करते हैं,किन्तु मित्र पढ़ना उससे भी अच्छी बात है .क्योंकि पढ़ कर ही आप लिखने के काबिल बनते हैं इसलिए अगर आप लिखने पर एक घंटा खर्च करते हैं तो और ब्लागों को पढने पर भी दो घंटे समय दीजिये ,ताकि आपकी लेखनी में और धार पैदा हो .मेरी शुभकामनाएं व सहयोग आपके साथ हैं
    जय हिंद

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  7. उत्साहवर्धन के लिए आप सबका बहुत-बहुत धन्यवाद !
    समीर जी, मैंने वर्ड वेरिफिकेशन हटा दिया है.
    कंचन जी के लिए तो मैं निःशब्द हूँ.
    परमजीत जी मैं नियमित रहने का हरसंभव प्रयास करूँगा.
    मस्त कलंदर जी आप सबकी उम्मीदों पर खरा उतरूं, कोशिश पूरी रहेगी.
    अलका जी आपकी सलाह सर-आँखों पर .
    पहली पोस्ट पर नारद जी का आगमन और आशीर्वाद शुभ संकेत है.

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  8. जब भी ख़ुद के होने का सुबहा होने लगता है,
    दूसरों की जिंदगी में ख़ुद के मायने तलाशता हूँ.
    ajeet जी
    आपका स्वागत है इस parivar में. चाहे किसी भी माध्यम से पर आप जुड़े हुवे मैं ब्लॉग जगत से..............आपकी लेखनी का जादू नज़र आता है छोटे से पोस्ट से ही.............आगे भी आएगा आशा है

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  9. ब्लौग-जगत में आपका स्वाग है..शुभकामनायें.

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  10. achchhi baat hai. apka swagat hai.
    Arun Devgatikar

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  11. दिगंबर जी बहुत-बहुत शुक्रिया हौसलाफजाई का....आपने तो मनोबल ऊँचा कर दिया....कोशिश करूँगा कि आपकी उम्मीदों को कायम रख सकूँ.
    वंदना जी और अरुण जी आपका बहुत शुक्रिया उत्साहवर्धन के लिए.

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  12. बहुत सुंदर…..आपके इस सुंदर से चिटठे के साथ आपका ब्‍लाग जगत में स्‍वागत है…..आशा है , आप अपनी प्रतिभा से हिन्‍दी चिटठा जगत को समृद्ध करने और हिन्‍दी पाठको को ज्ञान बांटने के साथ साथ खुद भी सफलता प्राप्‍त करेंगे …..हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।

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  13. सुन्दर लाईनें
    ब्लोग जगत मे आपका स्वागत है। सुन्दर रचना। मेरे ब्लोग ्पर पधारे।

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  14. hindi blog jagat me aapka hardik swaagat hai... niyameet likhe...aur padhane ka mukaa den..


    arsh

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  15. Janna chahoonga ki aap kin vishayon par likhne mein ruchi rakhte hain. asha hai ki Hindi blog jagat mein aap lambi yatra karenge.

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  16. अजीत जी पहली बार आया हूं आपके ब्लाग पर वाया ह्रदय गवाक्ष। कंचन जी ने रास्ता दिखाया तो आपके ब्लाग के रास्ते स‌े तो गुजरना ही था। उम्मीद करता हूं आपके ब्लाग पर बहुत कुछ पढ़ने को मिलता रहेगा। जिस तरह मैं ह्रदय गवाक्ष का प्रशंसक हूं और नियमित पाठक हूं। उसी तरह यहां भी बनने की कोशिश करूंगा। वैसे एक बात बताऊं आपको स‌च-सच...बुरा न मानें तो...दरअसल अजीत नाम के लोगों के स‌ाथ मेरा आज तक का अनुभव खास अच्छा नहीं रहा है। देखते हैं आपके स‌ाथ कैसा रहता है। वैसे यह मेरा अंधविश्वास भी हो स‌कता है। खुदा करे अंधविश्वास ही हो।

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  17. aapke ek sher ne hi aapke vyaktitva ki unchaiyon ke bare ein bata diya hai.......likhte rahiye............blog jagat mein aapka swagat hai.

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  18. आपका स्वागत है।
    घुघूती बासूती

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  19. अच्छा लिखा है आपने और सत्य भी , शानदार लेखन के लिए धन्यवाद ।

    मयूर दुबे
    अपनी अपनी डगर

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  20. वाया कंचनजी आप तक पहुंचा हूँ ! शोध पर रोड़ा अटकाने से लेकर पूरे श्रेय को ही डकार जाना बहुत करीब से देखा है मैंने ! आप जैसे गुणीलोगों से ही अपेक्षा है सत्य को सामने लाने की ! लेखन में निरंतरता बनाये रखें और कंचन जी को ह्रदय से धन्यवाद दें !

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  21. संगीता जी, आपका आशीर्वाद मिला, मेरे लिए किसी नेमत से कम नहीं. बहुत-बहुत शुक्रिया.
    रचना जी और अर्श जी बहुत-बहुत धन्यवाद उत्साहवर्धन के लिए. नियमित रहने की कोशिश पूरी रहेगी.
    मनीष जी अपनी रूचि का दायरा थोडा लम्बा सो आश्चर्यचकित करता रहूँगा. वैसे कवितायेँ, सम-सामयिक, कला-संगीत, विज्ञान और प्रेरक प्रसंग जैसे विषय इस घर पर आपको मिलेंगे.
    रविन्द्र जी, कंचन जी को ही सारा श्रेय है किमैं यहाँ हूँ. आशा है अजीत नाम से आपकी निराशा को ख़त्म कर सकूँ.
    ललित जी इतने करीब से से ये सत्य देख रहा हूँ बस क्या कहूँ. वंदना जी, घुघूती जी, और ललित जी, उत्साहवर्धन के लिए बहुत-बहुत शुक्रिया.

    अंत में आप सबका तहे-दिल से शुक्रगुजार हूँ की आप यहाँ आये और उत्साहवर्धन किया.

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  22. कंचन जी के ब्लॉग से ही आप तक आया हूँ.. साथ बना रहेगा..

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  23. namashkar sir ji..
    aapke prashanshako mein ek naam mera bhi.

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